जिनेन्द्र वाणी

श्री सुमतिनाथ भगवान की आरती

पाँचवें तीर्थंकर

दीपक के साथ आरती खोलें

ॐ जय सुमतिनाथ स्वामी, प्रभु जय सुमतिनाथ स्वामी।सुमति-प्रदायक जिनवर, तुम अंतरयामी॥

  1. मेघरथ नृप पिता तुम्हारे, माता मंगला रानी।नगर अयोध्या जन्म लिया प्रभु, हरषे सब प्राणी॥ॐ जय सुमतिनाथ स्वामी…

  2. चैत्र सुदी ग्यारस को जन्मे, त्रिभुवन हरषाया।सुरपति ने सुरगिरि पर प्रभु का, न्हवन रचाया॥ॐ जय सुमतिनाथ स्वामी…

  3. राज-विभव सब क्षण में त्यागा, संयम-पथ धारा।घाति-कर्म हर प्रभु ने पाया, ज्ञान अनंत अपारा॥ॐ जय सुमतिनाथ स्वामी…

  4. चकवा चिह्न चरण में सोहे, स्वर्ण-वरण काया।कुमति हटे, सुमति जग जावे, जिसने गुण गाया॥ॐ जय सुमतिनाथ स्वामी…

  5. गिरि सम्मेदशिखर से स्वामी, शिवपुर को पाया।जन्म-मरण का फेरा मेटा, निज-सुख प्रगटाया॥ॐ जय सुमतिनाथ स्वामी…

  6. मंगल दीप जलाकर स्वामी, आरति हम गावें।सुमति-सुधा बरसाओ हम पर, तुम-से बन जावें॥ॐ जय सुमतिनाथ स्वामी…

॥ जय जिनेन्द्र ॥

भगवान सुमतिनाथ के कल्याणक

  1. जन्म व ज्ञान व मोक्ष कल्याणक8 अप्रैल 2025 · चैत्र शुक्ल एकादशी
  2. तप कल्याणक5 मई 2025 · वैशाख शुक्ल नवमी
  3. गर्भ कल्याणक26 जुलाई 2025 · श्रावण शुक्ल द्वितीया
  4. जन्म व ज्ञान व मोक्ष कल्याणक29 मार्च 2026 · चैत्र शुक्ल एकादशी · द्वादशी (क्षय)
  5. तप कल्याणक25 अप्रैल 2026 · वैशाख शुक्ल नवमी
  6. गर्भ कल्याणक14 अगस्त 2026 · श्रावण शुक्ल द्वितीया

भगवान सुमतिनाथ से जुड़े तीर्थ

  1. अयोध्यागर्भ, जन्म, तप व ज्ञान कल्याणक · अयोध्या, उत्तर प्रदेश
  2. श्री सम्मेद शिखरजीमोक्ष कल्याणक · मधुबन, गिरिडीह, झारखंड

भगवान सुमतिनाथ की पूजा

  1. श्री सुमतिनाथ जिन पूजाकविवर वृन्दावन