जिनेन्द्र वाणी

श्री वासुपूज्य भगवान की आरती

बारहवें तीर्थंकर

दीपक के साथ आरती खोलें

ॐ जय वासुपूज्य स्वामी, प्रभु जय वासुपूज्य स्वामी।पंचकल्याणक अधिपति स्वामी, तुम अंतरयामी॥

  1. चंपापुर नगरी भी स्वामी, धन्य हुई तुमसे।जयावति वसुपूज्य तुम्हारे, मात-पिता हरषे॥ॐ जय वासुपूज्य स्वामी…

  2. बालब्रह्मचारी बन स्वामी, महाव्रत को धारा।प्रथम बालयति जग ने स्वामी, तुमको स्वीकारा॥ॐ जय वासुपूज्य स्वामी…

  3. गर्भ, जन्म, तप एवं स्वामी, केवलज्ञान लिया।चंपापुर में तुमने स्वामी, पद निर्वाण लिया॥ॐ जय वासुपूज्य स्वामी…

  4. वासवगण से पूजित स्वामी, वासुपूज्य जिनवर।बारहवें तीर्थंकर स्वामी, है तुम नाम अमर॥ॐ जय वासुपूज्य स्वामी…

  5. जो कोई तुमको सुमिरे प्रभु जी, सुख-सम्पति पावे।पूजन-वंदन करके स्वामी, वंदित हो जावे॥ॐ जय वासुपूज्य स्वामी…

॥ जय जिनेन्द्र ॥

भगवान वासुपूज्य के कल्याणक

  1. ज्ञान कल्याणक31 जनवरी 2025 · माघ शुक्ल द्वितीया
  2. जन्म व तप कल्याणक26 फ़रवरी 2025 · फाल्गुन कृष्ण त्रयोदशी · चतुर्दशी (क्षय)
  3. गर्भ कल्याणक17 जून 2025 · आषाढ कृष्ण षष्ठी
  4. मोक्ष कल्याणक6 सितंबर 2025 · भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी
  5. ज्ञान कल्याणक20 जनवरी 2026 · माघ शुक्ल द्वितीया
  6. जन्म व तप कल्याणक16 फ़रवरी 2026 · फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी
  7. गर्भ कल्याणक6 जुलाई 2026 · आषाढ कृष्ण षष्ठी
  8. मोक्ष कल्याणक25 सितंबर 2026 · भाद्रपद शुक्ल चतुर्दशी

भगवान वासुपूज्य से जुड़े तीर्थ

  1. मन्दारगिरितप, ज्ञान व मोक्ष कल्याणक · मंदार पर्वत, बांका, बिहार
  2. चम्पापुरगर्भ व जन्म कल्याणक · नाथनगर, भागलपुर, बिहार

भगवान वासुपूज्य की पूजा

  1. श्री वासुपूज्य जिन पूजा