जिनेन्द्र वाणी

श्री विमलनाथ भगवान की आरती

तेरहवें तीर्थंकर

दीपक के साथ आरती खोलें

ॐ जय विमलनाथ स्वामी, प्रभु जय विमलनाथ स्वामी।निर्मल कर दो मन मेरा, हे अंतरयामी॥

  1. नगरी कम्पिल धन्य हुई प्रभु, जन्म लिया जिसमें।कृतवर्मा पितु, जयश्यामा माँ, हरषे सब मन में॥ॐ जय विमलनाथ स्वामी…

  2. माघ सुदी चौथे को जन्मे, उस दिन तप धारा।शूकर चिह्न चरण में सोहे, कंचन-तन प्यारा॥ॐ जय विमलनाथ स्वामी…

  3. माघ सुदी छठ केवल प्रगटा, लोकालोक लखा।दिव्यध्वनि ने भवि जीवों को, शिव का पंथ दिखा॥ॐ जय विमलनाथ स्वामी…

  4. आषाढ़ वदी आठें को प्रभु ने, सब बंधन तोड़े।गिरि सम्मेदशिखर से स्वामी, शिव से नाते जोड़े॥ॐ जय विमलनाथ स्वामी…

  5. विमल नाम है, विमल गुणों का, विमल तुम्हारा ज्ञान।विमल बनें हम तुमको ध्याकर, पाएँ पद निर्वाण॥ॐ जय विमलनाथ स्वामी…

॥ जय जिनेन्द्र ॥

भगवान विमलनाथ के कल्याणक

  1. जन्म व तप कल्याणक1 फ़रवरी 2025 · माघ शुक्ल तृतीया
  2. ज्ञान कल्याणक3 फ़रवरी 2025 · माघ शुक्ल षष्ठी
  3. गर्भ कल्याणक22 मई 2025 · ज्येष्ठ कृष्ण दशमी
  4. मोक्ष कल्याणक19 जून 2025 · आषाढ कृष्ण अष्टमी
  5. जन्म व तप कल्याणक22 जनवरी 2026 · माघ शुक्ल चतुर्थी
  6. ज्ञान कल्याणक24 जनवरी 2026 · माघ शुक्ल षष्ठी
  7. गर्भ कल्याणक10 जून 2026 · द्वितीय ज्येष्ठ कृष्ण दशमी
  8. मोक्ष कल्याणक8 जुलाई 2026 · आषाढ कृष्ण अष्टमी

भगवान विमलनाथ से जुड़े तीर्थ

  1. कम्पिलगर्भ, जन्म, तप व ज्ञान कल्याणक · कम्पिल, फ़र्रुख़ाबाद, उत्तर प्रदेश
  2. श्री सम्मेद शिखरजीमोक्ष कल्याणक · मधुबन, गिरिडीह, झारखंड

भगवान विमलनाथ की पूजा

  1. श्री विमलनाथ जिन पूजाकविवर वृन्दावन